पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर VHP-बीजेपी ने जताया विरोध
नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी (Hamid Aansari) के हालिया बयान को लेकर सियासी और सामाजिक माहौल गरम हो गया है। अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इतिहास में जिन शासकों को आक्रमणकारी कहा जाता है, जैसे महमूद गजनी और लोदी वंश के शासक, वे विदेशी नहीं बल्कि भारतीय लुटेरे थे। उनके इस कथन को लेकर भाजपा और संघ समर्थित संगठन विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस बयान को “इतिहास और राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान” बताते हुए कहा कि यह दृष्टिकोण महमूद गजनी जैसे उग्र आक्रमणकारियों के कृत्यों का महिमामंडन करता प्रतीत होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन्होंने सोमनाथ मंदिर लूटा, नालंदा विश्वविद्यालय पर हमला किया और भारतीय संस्कृति को क्षति पहुँचाई, उन्हें “स्वदेशी” कहने का क्या औचित्य है।
बंसल ने यह भी आरोप लगाया कि अंसारी के बयान से राजनीतिक पक्षपात और इतिहास को तोड़‑मरोड़ कर पेश करने का प्रयास दिखता है। उन्होंने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति पहले भी विवादित बयानों में सुर्खियों में रहे हैं और इस बयान से हिंदू समुदाय की भावनाएँ आहत हुई हैं।
VHP ने जोर दिया कि इतिहास को वैज्ञानिक और प्रमाणित आधार पर ही समझा जाना चाहिए, न कि भावनात्मक या विवादित भाषा में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बयान सामाजिक ध्रुवीकरण और राजनीतिक तनाव बढ़ा सकते हैं।
इस बीच कांग्रेस ने अंसारी के बयान को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ में देखने की कोशिश की है, जबकि भाजपा और VHP इसे इतिहास का अपमान और राष्ट्रवाद के खिलाफ बयान बता रहे हैं। यह विवाद राष्ट्रीय राजनीति में इतिहास, राष्ट्रीय पहचान और सामाजिक भावना जैसे मुद्दों पर बहस को और गहरा कर रहा है।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (1 अप्रैल 2026 )
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
एपिस्टीन सेक्स कांड: प्रभावित पीड़ितों को बैंक देगा 686 करोड़ रुपये का मुआवजा
ट्रंप नरम हुए, होर्मुज जलमार्ग खोले बिना ही युद्ध समाप्ति के दिए संकेत
भारत की काले जादू की राजधानी...........जहां चुनाव के दौरान नेता लगाते हैं हाजरी