डिजिटल मुद्रा को लेकर आरबीआई गर्वनर ने दिया बड़ा अपडेट
मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) पायलट परियोजना में ‘ऑफलाइन लेन-देन शुरूआत करने की घोषणा की। इसका सीधा मतलब है कि डिजिटल रुपये के उपयोगकर्ता सीमित इंटरनेट कनेक्शन वाले क्षेत्रों में भी लेनदेन कर सकते है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि प्रायोगिक परियोजना के तहत इसमें कार्यक्रम आधारित अतिरिक्त उपयोग को शामिल किया जाएगा।
गर्वनर दास ने कहा, खराब या सीमित इंटरनेट संपर्क वाले क्षेत्रों में लेनदेन को सक्षम करने के लिए सीबीडीसी-खुदरा (रिटेल) में एक ऑफलाइन सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए पहाड़ी क्षेत्रों, ग्रामीण और शहरी स्थानों पर कई ‘ऑफलाइन’ समाधानों का परीक्षण किया जाएगा।
दास ने कहा कि अभी इसके तहत बैंकों द्वारा प्रदान किए गए डिजिटल रुपये वॉलेट का उपयोग करके व्यक्ति से व्यक्ति (पी2पी) और व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) लेनदेन को सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि अब इस कार्यक्रम आधारित ऑफलाइन रूप से सक्षम करने का काम किया जाएगा। दास ने कहा कि कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए कारोबारी यात्रा जैसे कार्यक्रम आधारित खर्च में सक्षम हो सकेंगी। उन्होंने कहा, अतिरिक्त सुविधाएं जैसे वैधता अवधि या भौगोलिक क्षेत्र जिसके भीतर सीडीबीसी का उपयोग किया जा सकता है, को भी ‘प्रोग्राम’ किया जा सकता है।

इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज मामले में आरिफ मसूद को बड़ी राहत
टी20 विश्वकप 2026 के 20 बड़े आंकड़े: छक्कों-शतकों की बरसात, बुमराह का जलवा
एमपी में दिखने लगा ईरान-इज़राइल युद्ध का असर, भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर पर रोक
हिंसा के बाद पश्चिम गारो हिल्स में कर्फ्यू लागू
पावर कंजम्प्शन में उछाल: फरवरी में देश की बिजली खपत 133 अरब यूनिट पहुंची