पुरानी वीडियो ने रोके सैलानियों के कदम, मनाली-लेह रूट पर थमे सैलानियों के कदम
कुल्लू, मनाली से लेह तक का सफर अब सिर्फ रोमांचक नहीं, बल्कि आरामदायक भी हो गया है। परिवहन निगम द्वारा चलाई जा रही नियमित बस सेवा में सवार यात्रियों के लिए यह यात्रा एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई है। बर्फीली वादियों, ऊंचे दर्रों और घाटियों से होकर गुजरती यह बस न केवल पर्यटकों को गंतव्य तक पहुंचाती है, बल्कि रास्ते में हिमालय की अनुपम छटा का भी साक्षी बनाती है। बता दें कि परिवहन निगम की यह सेवा हर साल गर्मियों में हजारों पर्यटकों को सुरक्षित और सुंदर यात्रा अनुभव देने में सफल रहती है। साहसिक यात्रा और प्राकृतिक सौंदर्य का यह मेल निश्चित ही यात्रियों के दिल में हमेशा के लिए बस जाता है। वहीं लेह घूमने का शौक रखने वाले यात्रियों की संख्या भी अब यहां काफी कम हो गई है। बताया जा रहा है कि बीते दिनों कुल्लू के सैंज घाटी में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद से और मंडी में आई आपदा के बाद से सैलानियों की संख्या घटते ही यहां दिल्ली-मनाली-सेह जाने वाले सैलानियों की संंख्या में भी कमी दर्ज की जा रही है। बुधवार को मनाली से लेह के लिए गई बस सेवा में केवल 25 यात्रियों ने ही सफर किया है। परिवहन निगम के आरएम अंशित शर्मा ने कहा कि मनाली से बसें प्रात: 4 से 5 बजे के बीच रवाना होती हैं। यात्रा अवधि यह यात्रा लगभग 12 से 15 घंटे की होती है, जो सडक़ की स्थिति और मौसम पर निर्भर करती है। (एचडीएम)
आनंद में बदला सफर
कुल्लू निवासी रमेश ठाकुर, योगराज, प्रकाश ठाकुर जो पहली बार इस मार्ग से लेह गए थे, का कहना है कि इससे पहले हमने इस यात्रा को लेकर घबराहट महसूस की थी। निगम की बस में सफर इतना आरामदायक रहा कि पूरा सफर आनंद में बदल गया। युवाओं की मानें तो सैलानियों की संख्या भी काफी कम हो गई है, जो बस में देखने को मिला है।
एचपीटीडीसी की टैम्पो टै्रवलर सेवा भी उपलब्ध
मनाली से लेह जाने वालों के लिए हिमाचल परिवहन निगम के अलावा एचपीटीडीसी की टैम्पो टै्रवलर भी यहां उपलब्ध है, जो कि एक दिन छोड़ कर मनाली से लेह का सफर तय करवाती है। सुबह पांच बजे मनाली से यह टैम्पो ट्रैवलर सेवा रहती है और शाम करीब छह बजे यानी 11 घंटे के बीच में लेह तक यात्रियों को पहुंचा देती है।

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