बम की फर्जी धमकियों के खिलाफ सरकार का एक्शन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को धमकियों की सूचना जल्द हटाने के निर्देश
नई दिल्ली । विमानों को मिल रही बम की धमकियों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार ने साथ ही कहा है कि यदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अपनी जिम्मेदारी निभाने में आनाकानी करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गाइडलाइन के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे बम की फर्जी धमकियों की सूचना जल्दी से हटाएं और इसके लेकर शीघ्र सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। मंत्रालय ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से भारत में कई एयरलाइंस को फर्जी बम धमकियां मिली हैं। ये धमकियां एयरलाइनों, यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों को प्रभावित कर रही हैं, जिससे उड़ानों का सामान्य संचालन बाधित हो रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स करें कार्रवाई
आईटी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत उचित कार्रवाई करनी होगी। उन्हें किसी भी गलत जानकारी को तुरंत हटाना होगा, जो सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करती है। यदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इस जिम्मेदारी का पालन नहीं करते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होगी। आईटी नियमों के अनुसार, यदि वे गलत जानकारी को हटाने में विफल रहते हैं, तो उन्हें आईटी अधिनियम के तहत दंडित किया जा सकता है।
फर्जी धमकियां राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा
फर्जी धमकियों से न केवल सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है, बल्कि यह राज्य की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती हैं। इनसे बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित होते हैं और देश की आर्थिक सुरक्षा भी अस्थिर होती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फारवर्डिंग/री-शेयरिंग के कारण ये फर्जी धमकियां तेजी से फैल रही हैं, जो कि गलत सूचनाओं पर आधारित हैं।

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