सालों के बाद भी अब भी रहस्यम बनी हुई डाइटन रॉक
वाशिंगटन । एक रहस्यमयी चट्टान, जिसे डाइटन रॉक के नाम से जाना जाता है। जिसकी सतह पर अजीब आकृतियां बनी हुई हैं, जो 300 से अधिक सालों से लोगों को हैरानी में डाले हुए हैं। ये आकृतियां पेट्रोग्लिफ हैं, जिन्हें बनाने के लिए सीधी रेखाओं और जियोमेट्रीकल आकृतियों का इस्तेमाल होता है। आखिर चट्टान पर ये अजीब निशान किसने बनाए, उनका क्या मतलब है, क्या उनमें कोई सीक्रेट मैसेज छिपा हुआ है और क्या कभी इस चट्टान का रहस्य सुलझ पाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राज्य मैसाचुसेट्स के बर्कले टाउन में एक म्यूजियम है, जिसमें यह चट्टान रखी हुई है। इस चट्टान को यहां की टॉनटन नदी के तल से निकाला गया था, जो 1963 में यहां स्थापित किया गया था। चट्टान का नाम ‘डाइटन’ उस शहर के नाम पर रखा गया है, जहां यह पाया गया था। चट्टान की सतह पर बनी हुई आकृतियों 17वीं शताब्दी से विद्वानों हैरान कर रही हैं, लेकिन आजतक उनका सटीक मतलब कोई नहीं जान सका है।
डाइटन रॉक ग्रे-ब्राउन क्रिस्टलीय बलुआ पत्थर से बना है, जो लगभग 5 फीट ऊंचा, 9.5 फीट चौड़ा और 11 फीट लंबा है। इस शिलाखंड के छ किनारों में से एक पर पेट्रेग्लिफ आकृतियां बनी हुई हैं। इसका वजन करीब 40 टन बताया जाता है।
डाइटन रॉक का रहस्य इसकी सतह पर बनी हुई पेट्रोग्लिफ्स आकृतियां है। उन्हें किसने और क्यों बनाया, इस पर सालों से विवाद रहा है। इन आकृतियों का रहस्य कई एक्सपर्ट्स ने सुलझाने की कोशिश की, लेकिन पूरी तरह से किसी को सफलता हाथ नहीं लगी।

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