दिल्ली में अमित शाह से मिले CM डॉ. मोहन यादव, UCC और कैबिनेट विस्तार पर चर्चा
नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिल्ली दौरा राज्य के विकास और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने 14 मई, 2026 को देश की राजधानी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात की। इन मुलाकातों का मुख्य एजेंडा प्रदेश की सुरक्षा, आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारी और राज्य में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) को लागू करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर केंद्रित रहा।
यूसीसी की प्रक्रिया तेज और गृह मंत्री से नक्सल उन्मूलन पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जा चुका है, जिसने अपनी प्रारंभिक बैठकें भी कर ली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी वर्गों और समाजों से संवाद कर उनके सुझाव लेगी ताकि संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर सामाजिक समरसता सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को बालाघाट और डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा बलों की सफलताओं की जानकारी दी और उन्हें 'बैगा महोत्सव' के अवसर पर बालाघाट आने का निमंत्रण भी दिया।
उज्जैन सिंहस्थ और एयर कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से उज्जैन एयरपोर्ट परियोजना पर विस्तार से चर्चा की। महाकाल लोक की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए उन्होंने उज्जैन के लिए बेहतर हवाई सेवाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ हुई बैठक में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर भविष्य का रोडमैप साझा किया गया। इसमें इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग अथॉरिटी और भोपाल मेट्रो जैसे शहरी बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष चर्चा हुई, ताकि कुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
कृषि विस्तार और नदी जोड़ो परियोजनाओं पर मंथन
विकास के आर्थिक मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील से मुलाकात कर प्रदेश के किसानों के हित में कई मांगें रखीं। उन्होंने मध्य प्रदेश में इस वर्ष हुए रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का हवाला देते हुए 75 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी की जानकारी दी और केंद्र से लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया। इस दौरान बेतवा-पार्वती-कालीसिंध लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा और 'पीएम कुसुम योजना' के माध्यम से किसानों को देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाले राज्यों में अग्रणी बना हुआ है।
मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों के संकेत
इस उच्च स्तरीय दिल्ली दौरे का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू प्रदेश की राजनीति से जुड़ा रहा। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में मध्य प्रदेश में आगामी मंत्रिमंडल विस्तार और खाली पड़ी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी गंभीर मंथन किया गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री जल्द ही अपनी टीम में नए चेहरों को जगह दे सकते हैं और विभिन्न निगम-मंडलों में नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो सकता है। यह दौरा न केवल प्रशासनिक विकास बल्कि राजनीतिक संतुलन के लिहाज से भी दूरगामी परिणाम वाला माना जा रहा है।

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