भारत में तेजी से बढ़ रहा डीप टेक सेक्टर, AI बना सबसे बड़ा गेम चेंजर
नई दिल्ली | भारत का टेक स्टार्टअप सेक्टर अब तेजी से बदल रहा है। पहले जहां सिर्फ विस्तार पर जोर था, वहीं अब कंपनियां बेहतर कामकाज और मजबूत नतीजों पर ध्यान दे रही हैं। नैसकॉम और जिननोव की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में स्टार्टअप ने 9.1 अरब डॉलर का निवेश जुटाया, जो पिछले साल के मुकाबले 23 प्रतिशत ज्यादा है।रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्टअप सेक्टर का निवेश जुटाने का तरीका भी पहले से ज्यादा सख्त और समझदारी भरा हो गया है। पैसा उन्हीं स्टार्टअप्स को मिल रहा है जो अपना बिजनेस बढ़ाने और कमाई करने के लिए तैयार हैं। यह बदलाव संकेत देता है कि,भारत का स्टार्टअप सेक्टर अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां मजबूती और स्थिर विकास पर ज्यादा फोकस रहेगा।इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डीपटेक सेक्टर तेजी से मजबूत हो रहा है। इसे नवाचार का अहम आधार माना जा रहा है। देश में इस समय 4,200 से ज्यादा डीपटेक स्टार्टअप काम कर रहे हैं, जिनमें से 550 से अधिक कंपनियां सिर्फ साल 2025 में शुरू हुई हैं।साल 2025 में इन डीपटेक स्टार्टअप्स ने करीब 2.3 अरब डॉलर का निवेश जुटाया, जो पिछले साल के मुकाबले 37 प्रतिशत ज्यादा है। खास बात यह है कि निवेश का माहौल भले ही पहले से ज्यादा सख्त और चुनिंदा हो गया हो, फिर भी निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर बना हुआ है। यह दिखाता है कि डीपटेक स्टार्टअप्स में भविष्य की बड़ी संभावनाएं देखी जा रही हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डीपटेक सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। यह तकनीक इस क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। डीपटेक स्टार्टअप्स में एआई की हिस्सेदारी करीब 84 प्रतिशत है, जबकि कुल जुटाए गए निवेश में इसका हिस्सा 91 प्रतिशत तक पहुंच गया है। तेजी से बढ़ती यह तकनीक अब अलग-अलग उद्योगों और बिजनेस एप्लीकेशनों में भी इस्तेमाल होने लगी है, जिससे कंपनियों के काम करने का तरीका बदल रहा है और नई संभावनाएं बन रही हैं।

NCP में सियासी हलचल, Parth Pawar ने किया Praful Patel और Sunil Tatkare का बचाव
मालदा: SIR में शामिल न्यायिक अधिकारियों को बनाया बंधक, वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का विरोध
कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए CBSE ने जारी किया नया सिलेबस