जबलपुर गन कैरिज फैक्ट्री को 300 धनुष तोपों का बड़ा ऑर्डर।
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित गन कैरिज फैक्ट्री में वित्त वर्ष 2026-27 में 300 धनुष तोप के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. इस लक्ष्य को शुरुआती 8 महीने में पूरा करने की तैयारी है. फैक्ट्री में इस तोप पर एक दशक से काम किया जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर में सटीक प्रदर्शन के बाद इनके उत्पादन में इजाफा किया गया है।
पिछले साल 150 तोपों का ऑर्डर मिला
पिछले साल गन कैरिज फैक्ट्री को 150 तोपों का ऑर्डर मिला था. ये देश की एकमात्र फैक्ट्री है जहां धनुष तोप का उत्पादन किया जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही फैक्ट्री को 300 धनुष हावित्जर का ऑर्डर मिलने वाला है।
धनुष तोप की क्या खासियत हैं?
- धनुष तोप को स्वदेशी तकनीक की मदद से विकसित किया गया है।
- इसकी रेंज करीब 38 किमी है, जिसे 44 से 46 किमी तक सटीक प्रहार करने वाला बनाया जा रहा है।
- ये 155 मिमी 45 कैलिबर में उपलब्ध है, जिसे 52 कैलिबर तक बढ़ाया जा रहा है।
- इसके 81 फीसदी पुर्जे स्वदेशी हैं. इसे 91 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
- ये प्रति 1 मिनट में तीन राउंड दाग सकती है. इसके साथ ही ये तोप लगातार डेढ़ तक फायरिंग कर सकती है।
- फायरिंग करने के बाद धनुष तोप अपनी पोजिशन बदल सकती है।
- इस तोप का वजन 13 टन है जो सटीक निशाना लगाने में माहिर है।
- ये चारों दिशाओं में घूमकर फायरिंग कर सकती है. इसे वाहन पर ले जाना आसान है।
- ये 46.5 किलो वजनी गोले को दागने में सक्षम है।
तीनों सेनाओं को उत्पाद सप्लाई करती है
- गन कैरिज फैक्ट्री की स्थापना साल 1904 में की गई थी.
- इस फैक्ट्री में VFJ-GCF 105 mm ट्रक माउंटेड सेल्फ प्रोपेल्ड गन सिस्टम, सारंग तोप, धनुष तोप जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं.
- इस फैक्ट्री में बने उत्पाद थल सेना, वायु सेना और नौसेना के साथ-साथ CISF, CRPF, BSF और ITBP को सप्लाई किए जाते हैं।

महिलाओं के लिए कौन सा रुद्राक्ष है सबसे शुभ? जानें धारण करने के सही नियम और फायदे
क्यों Kal Bhairav ने काटा Brahma का सिर? जानें ‘काशी के कोतवाल’ बनने की रहस्यमयी कथा
SIR में अपमान का मुद्दा गरमाया, Mamata Banerjee ने जनता से मांगा जवाब